शब्द यात्रा ने जापान में लहराया भारतीय संस्कृति का परचम

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शब्द यात्रा ने जापान में लहराया भारतीय संस्कृति का परचम
28 अप्रैल से 6 मई तक जापान प्रवास पर गए ‘शब्द यात्रा’ समूह ने टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास जापान में एक भव्य साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन कर भारतीय संस्कृति की समृद्ध छटा बिखेरी। यह ‘शब्द यात्रा’ का विदेशों में आयोजित पाँचवां कार्यक्रम था, जिसमें लगभग 60 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजनीतिक परामर्शदाता करुण बंसल उपस्थित रहे, जबकि विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक अमन आकाश के मार्गदर्शन में आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर जापानी दर्शकों ने भी कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया, जो भारतीय संस्कृति के प्रति उनके आकर्षण को दर्शाता है।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. मीनाक्षी के मंगलाचरण से हुई। ‘शब्द यात्रा’ की महासचिव प्रीति मिश्रा द्वारा लिखित एवं निर्देशित नाटक ‘शब्द यात्रा: दिल से दिल तक’ ने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
संस्था की अध्यक्ष शारदा मित्तल ने भारत की अनुपम विरासत और संस्कृति की प्रतीक विभिन्न राज्यों की पारंपरिक साड़ियों का मंच पर प्रदर्शन कर देश के हथकरघा बुनकरों को भावांजलि समर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान विनय कुमार, पुनीत चंद्र, डॉ. कृष्णा कुमारी, ज्योत्सना कलकल, डॉ. कुमुद बंसल, डॉ. रेखा मित्तल, सरोजिनी चौधरी और सुनीता नैन ने अपने काव्य पाठ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। अपर्णा सिंह द्वारा प्रस्तुत ठुमरी ने कार्यक्रम में जान डाल दी।वहीं मेरा जूता है जापानी ने अपनी मस्ती से सबको झूमने पर मजबूर कर दिया ।







